- February 6, 2025
- Posted by: ekYojana
- Categories: Jharkhand, State Govt Schemes

इस बार के मानसून में बहुत ही कम वर्षा हुयी है, जिसकी वजह से झारखंड में सूखे की स्थिति उत्पन्न हो गयी एवं प्रदेश के किसान खरीफ फसलों की रोपाई करने में असमर्थ रहें। इन्हीं समस्याओं पर ध्यान देते हुए झारखंड राज्य सरकार ने किसानों को सूखे से बचाने एवं उन्हें निरंतर कृषि करने हेतु प्रेरित करते हुए कई प्रकार की योजनाओं का आरंभ किया गया है,
झारखंड वैकल्पिक खेती योजना
झारखण्ड सरकार द्वारा प्रारंभ की गयी Jharkhand Vaikalpik Kheti Yojana के सुचारु संचालन की जिम्मेदारी राज्य सरकार के कृषि विभाग की है। यह योजना राज्य में आविर्भूत हुए सूखे की वजह से आरंभ की गयी है, जिसके माध्यम से धान की कृषि करने वाले कृषकों को वैकल्पिक कृषि करने हेतु प्रोत्साहित किया जाता है। झारखंड वैकल्पिक खेती योजना के अंतर्गत किसानों को अरहर, उरद, कुलथी, मक्का, तोरिया, मूंग, ज्वार और मडुआ जैसे छोटी अवधि सूखा प्रतिरोधी नस्ल के बीज, जो कम वर्षा में भी प्रभेद सफल होने की क्षमता रखते हैं, को अनुदान पर प्रदान किया जाता है।
योजना का नाम | झारखंड वैकल्पिक खेती योजना |
आरम्भ की गई | कृषि विभाग द्वारा |
वर्ष | 2024 |
लाभार्थी | प्रदेश के किसान |
आवेदन की प्रक्रिया | जल्द सूचित किया जायेगा |
उद्देश्य | वैकल्पिक खेती करने हेतु प्रोत्साहित करना |
लाभ | सूखा रोधी नस्ल के बीज अनुदान के साथ |
श्रेणी | झारखण्ड सरकारी योजनाएं |
उद्देश्य
कृषि विभाग, झारखण्ड द्वारा शुरू की गयी Jharkhand Vaikalpik Kheti Yojana 2024 का मुख्य उद्देश्य राज्य के किसानों को वैकल्पिक खेती करने हेतु प्रोत्साहित करना है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश में कम वर्षा की वजह से अवतीर्ण हुए सूखे की दशा के कारण होने वाली कठिनाइयों एवं आर्थिक हानि से सुरक्षा प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार की इस योजना के तहत खरीफ फसलों की खेती करने वाले कृषकों को दलहन, तिलहन एवं सब्जियों की खेती करने के लिए प्रेरित किया जायेगा एवं प्रदेश के लगभग 5 लाख कृषकों को सूखा रोधी नस्ल के बीज अनुदान पर उपलब्ध किये जायेंगे।
लाभ एवं विशेषताएं
- झारखंड वैकल्पिक खेती योजना का प्रारंभ झारखण्ड राज्य सरकार के कृषि विभाग द्वारा किया गया है, जिसके माध्यम से सूखे से प्रभावित प्रदेश के खरीफ फसलों की खेती करने वाले कृषकों को लाभान्वित किया जाता है।
- कृषि विभाग द्वारा इस योजना का आरंभ राज्य में कम बारिश होने की वजह से उत्पन्न हुए सूखे की दशा के कारण किया गया है।
- राज्य सरकार द्वारा शुरू की गयी इस योजना के माध्यम से कृषकों को दलहन, तिलहन एवं सब्जियों की खेती करने हेतु प्रेरित किया जाता है।
- इस योजना के तहत किसानों को धान के साथ अरहर, उरद, कुलथी, मक्का, तोरिया, मूंग, ज्वार एवं मडुआ जैसे छोटी अवधि सूखा प्रतिरोधी नस्ल के बीज अनुदान पर प्रदान किये जाते है।
- यह छोटी अवधि सूखा प्रतिरोधी नस्ल के बीज कम वर्षा की दशा में भी प्रभेद सफल होने की क्षमता रखते हैं।
पात्रता मानदंड
किसी भी सरकारी योजना के तहत मिलने वाले लाभों को प्राप्त करने हेतु आवेदनकर्ता को उस योजना से संबंधित कुछ पात्रता मापदंडों को पूर्ण करना आवश्यक होता है।
- झारखंड वैकल्पिक खेती योजना के अंतर्गत आवेदन करने हेतु आवेदनकर्ता को झारखण्ड राज्य का स्थायी निवासी होना आवश्यक होगा।
- इसके साथ ही इस योजना के तहत मिलने वाले लाभों को प्राप्त करने हेतु केवल राज्य के किसानों को ही पात्र माना जायेगा।
- इसके अतिरिक्त झारखण्ड सरकार द्वारा आवेदकों के लिए इस योजना से संबंधित अन्य किसी भी प्रकार के पात्रता मानदंड निर्धारित नहीं किये गए है।
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- बैंक खाता विवरण
- मोबाइल नंबर
झारखंड वैकल्पिक खेती योजना के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया
कृषि विभाग, झारखंड सरकार द्वारा Jharkhand Vaikalpik Kheti Yojana का शुभारंभ राज्य में उत्पन्न सूखे की स्थिति के कारण खरीफ फसलों की खेती करने वाले कृषकों को होने वाले समस्याओं के निवारण हेतु किया गया है। इस योजना के माध्यम से किसानों को सूखा प्रतिरोधी नस्ल के बीज अनुदान पर उपलब्ध किये जायेंगे।
- सबसे पहले आपको तोरपा महिला कृषि बागवानी स्वालंबी सहकारी समिति लिमिटेड सदस्य की एफपीओ के सीईओ प्रिय रंजन से सम्पर्क स्थापित करना होगा।
- इसके पश्चात आपको अपना पंजीकरण ब्लॉक चैन प्रणाली में करवाना होगा।
- अब आप अपने सफल पंजीकरण के पश्चात अनुदानित छोटी अवधि सूखा प्रतिरोधी नस्ल के बीज खरीद सकेंगे।